
आज सायंकाल विद्यालय सभागार में हिन्दी दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम सभी छात्र और शिक्षक (कुल संख्या १०५) पंक्ति बद्ध होकर सभागार में बैठे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य, श्री आशीष चटर्जी के उद्बोधन के साथ प्रारंभ हुआ। प्रधानाचार्य ने छात्रों और उपस्थित शिक्षकों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ ही शुद्धता के साथ हिन्दी बोलने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य जी के उद्बोधन के बाद हिन्दी शिक्षक राजेश कुमार सिंह ने आज के हिन्दी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा जल्द से जल्द मिलन चाहिए, इस हेतु उन्होंने हिन्दी कब बनेगी राष्ट्रभाषा? कविता पढ़ी। कार्यक्रम को संचालित करते हुए कक्षा दस के छात्र तोको तलाम ने वीर रस की कविता पठन के लिए कक्षा दस के ही छात्र रंगखम यांगफ़ो को आमंत्रित किया। हिन्दी उद्धरण गेई एते (कक्षा-आठ) ने सुनाया, एक और ओजस्वी वीर रस की कविता को चेरा कमिंग (कक्षा – सात) ने सस्वर गाकर सुनाया। पहेलियों को पूछने का कार्य लोपो गादि (कक्षा-नौ) ने किया। कार्यक्रम के अंत में छात्र तुमीर गादि ने एक प्रेरणा गीत गाकर उपस्थित छात्रों को उन्होंने एक नई दिशा प्रदान की।


